टीबी या तपेदिक साप्ताहिक समाचार सारांश
७-१३ जुलाई २००८
अंक ६८
To read it in English<http://tapedik.blogspot.com/2008/07/tb-this-week-7-13-july-2008.html>,
click here<http://tapedik.blogspot.com/2008/07/tb-this-week-7-13-july-2008.html>
पाँच मुख्य समाचार:
१. अफ्रीका के ४ देशों में ड्रग-रेसिस्तंत टीबी या तपेदिक की नयी जाँच उप्लब्ध
होगी <http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2885>
२. टीबी या तपेदिक वैक्सीन पर ३ WHO बैठकों के निष्कर्ष
उपलब्ध<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2931>
३. टीबी महामारी का पूर्वानुमान पहले २ टीबी रोगी से हो सकता है:
शोध<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2889>
४. गैर जी-८ देशों से अधिकाँश ऐड्स कार्यक्रमों के लिये आता है
अनुदान<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2903>
५. जिम्बाब्वे में एच.आई.वी से ग्रसित रोगियों को सक्रिय टीबी रोग से बचाव के
लिये इसोनिअजिद दवा मिलेगी <http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2933>
पाँचों समाचार विस्तार से:
---------------------------
. अफ्रीका के ४ देशों में ड्रग-रेसिस्तंत टीबी या तपेदिक की नयी जाँच उपलब्ध
होगी <http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2885>
संयुक्त राष्ट्र ने अफ्रीका के चार देशों में मल्टी ड्रग रेसिस्तंत टीबी या
तपेदिक के लिये नयी जांच की प्रयोगशालाएँ लगाने का निर्णय लिया है - यह चार
अफ्रीका के देश हैं: लिसोथो, आइवरी कोस्ट, कॉंगो और इथियोपिया.
मल्टी ड्रग रेसिस्तंत टीबी या तपेदिक की जांच के नतीजे औसतन २-३ महीने में मिल
पाते थे. आकड़ों के मुताबिक मात्र २ प्रतिशत मल्टी ड्रग रेसितंत टीबी या तपेदिक
के रोगियों की सही समय से जाँच हो पाती है और उसके उपरान्त ही उपयुक्त इलाज
मुमकिन है. बाकि के ९८ प्रतिशत रोगी बिना इलाज या जाँच के मृत्यु से जूझ रहे
होते हैं. ऐसे में खासकर कि यदि रोगी को एच.आई.वी या अन्य ऐसा रोग हो जो शरीर
की प्रतिरोधक छमता कम करता हो, तो स्थिति और भी बिगड़ जाती है.
अब इस नयी जांच से, मल्टी ड्रग रेसिस्तंत टीबी या तपेदिक के रोगियों को नतीजे २
दिन में मिल जायेंगे, न कि २-३ महीने में! ये नि:संदेह बहुमूल्य उपलब्धि है.
जिन लोगों को एच.आई.वी संक्रमण है, उनको टीबी होने का खतरा दस गुणा अधिक होता
है, और मल्टी ड्रग रेसिस्तंत टीबी होने का खतरा भी बढ़ जाता है, चूँकि उनके शरीर
की प्रतिरोधक छमता सूक्ष्म होती है.
पूरा समाचार पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2885>
************************************
२. टीबी या तपेदिक वैक्सीन पर ३ WHO बैठकों के निष्कर्ष
उप्लब्ध<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2931>
विश्व स्वस्थ्य संगठन (WHO) के initiative फॉर वैक्सीन रिसर्च, या वैक्सीन शोध
के लिये कार्यक्रम ने हाल ही में तीन बैठकों का आयोजन किया जिससे कि टीबी
वैक्सीन शोध को मजबूत किया जा सके.
इन तीन बैठकों के निष्कर्ष अब उपलब्ध हैं, जिनको पढ़ने के लिये या डाऊनलोड करने
के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://medicine.plosjournals.org/perlserv/?request=get-document&doi=1...>
टीबी वैक्सीन, जिसको बी.सी.जी या बसिल्ले काल्मेत्ते गुएरिन भी कहा जाता है,
लगभग ८० प्रतिशत लोगों में १५ साल तक असरदायक रहती है. परन्तु जिन बच्चों में
एच.आई.वी संक्रमण है, उनमें इसका असर नुकसानदायक भी हो सकता है, ऐसा शोध में
ज्ञात हुआ है (इस शोध की रपट पढ़ने के लिये यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.med.cmu.ac.th/dept/pediatrics/06-interest-cases/ic-66/BCG.pdf>
)
पूरा समाचार पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2931>
************************************
३. टीबी महामारी का पूर्वानुमान पहले २ टीबी रोगी से हो सकता है: शोध
<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2889>
टीबी महामारी का पूर्वानुमान पहले २ टीबी रोगी के अध्य्यन से हो सकता है, ऐसा
एक डच शोध से पता चला है. बड़े स्तर पर टीबी महामारी फैलने का पूर्वानुमान होने
की सम्भावना ५६ प्रतिशत है यदि पहले २ टीबी रोगी:
- ३ महीने के अंतराल में ही टीबी से ग्रसित हुए हों
- दोनों टीबी रोगी शहर के निवासी हों
- इनमें से एक, या दोनों ही, अफ्रीका के नागरिक हों
पूरा समाचार पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2889>
************************************
४. गैर जी-८ देशों से अधिकाँश ऐड्स कार्यक्रमों के लिये आता है
अनुदान<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2903>
हाल ही में होक्कैदो, जापान में संपन्न हुए 'जी-८ समिट' या आठ विकसित देशों के
समूह की बैठक में UNAIDS और कैसर फॅमिली फाउंडेशन ने एक रपट जारी की जिसके
अनुसार ऐड्स कार्यक्रमों के लिये अमरीकी डालर १८.१ बिलिओन जो व्यय आता है, उसका
सिर्फ़ अमरीकी डालर ४.५ बिलिओन इन आठ देशों से आता है जो जी-८ के सदस्य हैं.
पूरा समाचार पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2903>
***********************************
५. जिम्बाब्वे में एच.आई.वी से ग्रसित रोगियों को सक्रिय टीबी रोग से बचाने के
लिये इसोनिअजिद दवा उपलब्ध होगी<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2933>
जिम्बाब्वे में जो लोग एच.आई.वी से ग्रसित हैं और जिनको सक्रिय टीबी रोग नही है
परन्तु लेटेंट टीबी है यानि कि टीबी बक्टेरिया तो है परन्तु सक्रिय टीबी या
तपेदिक रोग नही हुआ है, ऐसे लोगों को अब इसोनिअजिद दवा मिलेगी जिससे सक्रिय
टीबी रोग होने की सम्भावना नगण्य हो जाए.
पूरा समाचार पढ़ने के लिये, यहाँ पर क्लिक
कीजिये<http://www.healthdev.net/site/post.php?s=2933>
------------------------------------------------
टीबी या तपेदिक समाचार सारांश, बाबी रमाकान्त द्वारा संपादित किया गया है।
ईमेल: bobbyramak...@yahoo.com, वेबसाइट: http://tapedik.blogspot.com